सुतला में रहनी खाटी- भरत शर्मा व्यास निर्गुण

जब से गवनवा के दिनवा धराईल लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

सुतला में रहनी खाटी- भरत शर्मा व्यास निर्गुण अरे सुतला में रहनी खाटी आरे सापना दे..खिले राती रेे सजनी रे रे सजनी रे सपना में पीयवा भेजे एगो पाती नु ए राम रे सजनी रे आहो सजनी रे सपना में…. सुताला में रहनी खाटी आरे सापना देखिले राती रेे सजनी रे रे सजनी रे सपना … Read more