एक त मा बारी भोरी लिरिक्स-मदन राय निर्गुण

1. एक त मा बारी भोरी दूसरे पियावा गइलन रे चोरी

दोहा- की नागन बैठी राह में, बिरहन पहुंची आय
नागन डर गई आप के, कि बिरहन डंस न जाय
नाहर के नख में बसे, दन्ते बसे भुजंग
की बिच्छी के पोछी बसे, बिरहन के सब अंग

एक त मा बारी भोरी दूसरे पियावा गइलन रे
चोरी आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम
एक त मा बारी भोरी दूसरे पिया के रे चोरी
आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम                    आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम

फूल लोहरे गईली बाड़ी साड़ी मोरी अटकल डारी
फूल लोरहे गईली बाड़ी-3
फुल लोहरे गईली बाड़ी साड़ी मोरी अटकल डारी आरे सखियां रे पिया बिना सड़िया केहु न छोड़ावे ला ए राम आरे सखियां रे पिया बिना सड़िया केहु न छोड़ावे ला ए राम एक तमा बारी भोरी            दूसरे पियावा गइलन रे
चोरी आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम

झुलत झूलत बाड़ी चढ़ी गइली महल अटारी
झुलत झूलत बाड़ी चढ़ी गइली महल अटारी
आरे सखिया रे जहांवा रे जोगिया धुनिया रमावेला ए राम
आरे सखिया रे जहांवा रे जोगिया धुनिया रमावेला ए राम
एक त मा बारी भोरी दूसरे पिया के रे चोरी आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम
आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम

साड़ी मोरी फाटी रे गाईली अंगिया मसकी रे गईली
साड़ी मोरी फाटी रे गाईली अंगिया मसकी रे गईली आरे सखियां रे नयना टपकी के नवरंग भिजेला ए राम आरे सखियां रे नयना टपकी के नवरंग भिजेला ए राम
एक त मा बारी भोरी दूसरे पिया के रे चोरी आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम
आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम

जवाना रे मंदिरवा मे अति सुख पवनी हम
जवाना रे मंदिरवा मे अति सुख पवनी हम
आरे सखियां रे ओही रे मंदीरवा अगिया लागली ए राम आरे सखियां रे ओही रे मंदीरवा अगिया लागली ए राम
एक तमा बारी भोरी दूसरे पिया के रे चोरी आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम
आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम आरे सखियां रेे तीसरे बिरह से देहिया मातल ए राम

https://www.youtube.com/watch?v=Syp9Wu5p8Ag