ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन मीरा भजन लिरिक्स

ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन

ऐसी लागी लगन मीरा

(ऐसी लागी लगन मीरा भजन लिरिक्स )

सा रे ग प ध नी ध प ग रे ग म ग रे ग ग

सा रे ग प ग रे सा नी रे सा नी नी

प नी रे म प ध प ग म ग रे सा रे नी ध रे सा

है आंख वो जो श्याम का दर्शन किया करें

है शीश वो जो प्रभु चरणन में वंदन किया करे

बेकार मुख वो है जो रहे व्यर्थ बातों में

मुख वो है जो हरी नाम का सुमिरन किया करे

हीरे मोतीईईईई……..से नहीं शोभा है हांथ की

है हाथ जो भगवान का पूजन किया करे

मर कर भी अमर नाम है उस जीव का जग में

प्रभु प्रेम में बलिदान जो जीवन किया करे

 

ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन

ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन

वो तो गली गली हरी गुण गाने लगी

महलों में पली बन के जोगन चली

मीरा रानी दीवानी कहाने लगी

ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन

(मीरा भजन लिरिक्स )

कोई रोके नहीं कोई टोके नही 

मीरा गोविंद गोपाल गाने लगी

कोई रोकेएएए.. नहीं कोई टोके नही 

मीरा गोविंद गोपाल गाने लगी

बैठी संतो के संग रंगी मोहन के रंग

मीरा प्रेमी प्रीतम को मनाने लगी

वो तो गली गली हरी गुण गाने लगी

ऐसी लागी लगन…..

 

राणा ने विष दिया मानो अमृत पिया

सां नी ध नी ध प ध प ग प ग रे ग सा रे नी सा 

ध नी प ध नि सा,

प ध नी सा सासानी सा सासानी सा सासानी सा सासानी सा

सा रे नी सा, नी सा रे नी सा, नी सा ग सा रे नी सा

नी सा रे नी सा, गग सा रे नी सा रे नी सा

गग रे मम ग पप म धध प नीनी ध सा नी ध प

राणा ने विष दिया मानो अमृत पिया

मीरा सागर में सरिता समाने लगी

दुख लाखो सहे मुख से गोविंद कहे

मीरा गोविंद गोपाल गाने लगी

वो तो गली गली हरी गुण गाने लगी

ऐसी लागी लगन…..

ऐसी लगी लगन मीरा हो गई मगन

वो तो गली गली हरी गुण गाने लगी

महलों में पली बन के जोगन चली

मीरा रानी दीवानी कहाने लगी

ऐसी लगी लगन मीरा हो गई मगन

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