जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास               1. कंची कली की इस दामन छुपाकर फूलों तले  सांस पाती है बेटी, खिल जाती कलियां तो डाली से झुककर आंचल में मुखड़ा छुपाती है बेटी, खुशबू छिड़कती है सेवा से अपने मर्यादा कुल की बढ़ाती है … Read more

जब से गवनवा के दिनवा धराईल लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

जब से गवनवा के दिनवा धराईल लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास जब से गवनवा के दिनवा धराईल जबसे गवानवा के दिनवा धराईल-2 रतिया न नींद लागे देह पियराईल जब से गवनवा के दिनवा धराईल रतिया न नींद लागे देह पियराईल जब से गवनवा… बाप माई भौजी के ममता सतावे                … Read more

सुतला में रहनी खाटी- भरत शर्मा व्यास निर्गुण

जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

सुतला में रहनी खाटी- भरत शर्मा व्यास निर्गुण अरे सुतला में रहनी खाटी आरे सापना दे..खिले राती रेे सजनी रे रे सजनी रे सपना में पीयवा भेजे एगो पाती नु ए राम रे सजनी रे आहो सजनी रे सपना में…. सुताला में रहनी खाटी आरे सापना देखिले राती रेे सजनी रे रे सजनी रे सपना … Read more

गवना करवला ए हरी जी लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

गवना करवला ए हरी जी लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

     गवना करवला ए हरी जी राजा पिय जनी गांजा लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

आआ…..आआ….. आ.. आ……
दोहा – टिसीरिज एशियाई कम्पनी, टिसीरिज एशियाई कम्पनी, टिसिरिज एशियाई कम्पनी के बा चारो ओर हाल्ला
भारत देश के हर एक प्रांत में ए कंपनी के झंडा फहराला

गवना करवला ए हरी जी अरे गवना करावला ए हरी जी अपने पुरूबवा गईला ए राम
अपने पुरुबवा गइला ए राम

गवना करावला ए हरी जी गवना करावला          ए हरी जी अपने बिदेशवा गईला ए राम

जब जब याद आवे तोहरी सूरतिया
काटला से कटे ना इ बिरहा के रतिया
जिया छछनावला ए हरी जी
जिया छछनावला ए हरी जी
अपने बिदेशवा गईला ए राम

आआ….. आ….आआ……..
कवनो संदेसवा ना पतिया पेठवला
मोर बिरहिनिया के बड़ा तरसवला
रोवां डहकवला ए हरी जी
रोवां डहकवला ए हरी जी
अपने पुरूबावा गईला ए राम

आआ…….…आआ….. ओ….. ओ
रोवां डहकवला ए हरी जी
रोवां डहकवला ए हरी जी
अपने बिदेशवा गईला ए राम

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राजा पिय जनी गांजा लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास के लोकगीत

जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

राजा पिय जनी गांजा लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास के लोकगीत आआ……आआ…… आ…….. खराब हो जईबआ हो खराब हो जईबआ-2 राजा पिय जनी गांजा हो खराब हो जईब खराब हो जईबआ हो खराब हो जईबआ-2 राजा पिया जनी गांजा हो खराब हो जईब ना पियबा त सुना बलमुआ बनल रही शरीर ना पियबा त सुना बलमुआ … Read more

छोड़ गइले रेे रात सुतले सेजरिया पे लिरिक्स-भरत शर्मा

13.छोड़ गइले रेे रात सुतले सेजरिया -भरत शर्मा के लोकगीत   आ आआ..आआ… छोड़ गइले रेे रात सुतले सेजरिया पे छोड़ी गइले रेे रात सुतले सेजरिया पे छोड़ गइईले.. चढ़ली जवनिया कदम बहकावे अंखिया के निंदिया अंखियां के निंदिया 2 अखियां के निंदिया रैन तरसावे कांचे कली उ  कांचे कली उ मड़ोड गइल रे रात … Read more

तुहिं हमरा जीनगी के सोलहो सिंगार lyrics-भरत शर्मा व्यास

1.तुहिं हमरा जीनगी के सोलहो सिंगार lyrics-भरत शर्मा व्यास तुहिं हमरा जीनगी के सोलहो सिंगार                                        तनी हेने आव तनी हेने आव तोहरे पर आसरा हमार तनी हेने आव                  … Read more

पटना से पाजेब बलम जी Lyrics – भरत शर्मा व्यास

पटना से पाजेब बलम जी- भरत शर्मा व्यास             आ…आ…..आ….. जहिया बिहसि कली त चटकबे करी देखे वाला के मनवा बहकबे करी चाहे बगिया में केतनो सम्हरी के चल कांट बाटे त अंचरा अटकबे करी पटना से पाजेब बलम जी हो.ओ..ओ…. पटना से पाजेब बलम जी अरे आरा से होंठ … Read more

अंखियां में भरीके आसारवा Lyrics- भरत शर्मा व्यास निर्गुण

जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

अंखियां में भरीके आसारवा Lyrics- भरत शर्मा व्यास निर्गुण              दोहा-– तीरथ नाहाए एक फल..अ.                                      संत मिलन फल चा..र सदगुरु मिले अनेक फल.. अ कहे कबीर बिचा..र आरे अंखियां में भरीके आसारवा  … Read more

जेकर बलमा बसे परदेस सखी Lyrics – भरत शर्मा व्यास

जेकर बलमा बसे परदेस सखी- भरत शर्मा व्यास               दोहा- हामार होके हामार ना भईल हामार होके हामार ना भईल रात राते रह गइल भिनसार ना भईल ओकरा जिनगी के का पूछले बारू ए बाछी जेकरा जिअते हमरा खटिया के सिंगार ना भईल जेकर बलमा बसे परदेस सखी..ईई.ईई ओकर … Read more

पियेले शराब गांजा तारी- भरत शर्मा व्यास लोकगीत

पियेले शराब गांजा तारी- भरत शर्मा                      आ….. आ…. आ…. आ……           आ….आ….आ….आ…..आ…                            दोहा- एक जानी अपना पति से तंग आके का कह तारी का मे एगो गुण नईखे कएगो … Read more

धन गईल धनबाद कमाए – भरत शर्मा व्यास, Bharat Sharma Vyas

धन गईल धनबाद कमाए धन गइल धनबाद कमाए             कटनी बहुत कलेस अंगनवा लागेला परदेस                    अंगनवा लागेला परदेस                                                  … Read more