जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

मरजी बा राउर अरजिया

जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास            जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास कंची कली की इस दामन छुपाकर फूलों तले  सांस पाती है बेटी, खिल जाती कलियां तो डाली से झुककर आंचल में मुखड़ा छुपाती है बेटी, खुशबू … Read more

पटना से वैदा बुलाई द शारदा सिन्हा के लोकगीत का लिरिक्स

पिया मोरा बालक हम

पटना से वैदा बुलाई द शारदा सिन्हा के लोकगीत का लिरिक्स पटना से… पटना से वैदा बुलाई द                         हो नजरा गईनी गुंयिया Pटना से वैदा बुलाई द                                    … Read more

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