जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास

जे जे गइल से भुलाइल lyrics -भरत शर्मा व्यास निर्गुण

जनती जे जारल जईबू आग में दहेज के लिरिक्स- भरत शर्मा व्यास               1. कंची कली की इस दामन छुपाकर फूलों तले  सांस पाती है बेटी, खिल जाती कलियां तो डाली से झुककर आंचल में मुखड़ा छुपाती है बेटी, खुशबू छिड़कती है सेवा से अपने मर्यादा कुल की बढ़ाती है … Read more

पटना से वैदा बुलाई द शारदा सिन्हा के लोकगीत का लिरिक्स

पटना से वैदा बुलाई द शारदा सिन्हा के लोकगीत का लिरिक्स

पटना से वैदा बुलाई द शारदा सिन्हा के लोकगीत का लिरिक्स पटना से… पटना से वैदा बुलाई द                         हो नजरा गईनी गुंयिया Pटना से वैदा बुलाई द                                    … Read more