छोड़ गइले रेे रात सुतले सेजरिया पे लिरिक्स-भरत शर्मा

13.छोड़ गइले रेे रात सुतले सेजरिया -भरत शर्मा के लोकगीत   आ आआ..आआ… छोड़ गइले रेे रात सुतले सेजरिया पे छोड़ी गइले रेे रात सुतले सेजरिया पे छोड़ गइईले.. चढ़ली जवनिया कदम बहकावे अंखिया के निंदिया अंखियां के निंदिया 2 अखियां के निंदिया रैन तरसावे कांचे कली उ  कांचे कली उ मड़ोड गइल रे रात … Read more